PPF, सुकन्या समृद्धि और FD — नियम आमने-सामने
कौन खोल सकता है, पैसा कितने समय बंद रहता है, ब्याज कैसे तय और टैक्स होता है, जमा बीमा क्या ढकता है, और चालू दरें कहाँ देखें — नियम, रैंकिंग नहीं।
लेखक: Raghav Sangal ·
इन तीनों की तुलना हर वक़्त होती है, और ये एक तरह की चीज़ नहीं हैं। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और सुकन्या समृद्धि खाता केंद्र सरकार की लघु बचत योजनाएँ हैं, डाकघरों और अधिकृत बैंकों से, उन नियमों पर जो वित्त मंत्रालय अधिसूचित करता है; उनकी ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है। फ़िक्स्ड डिपॉज़िट एक बैंक से अनुबंध है: दर बैंक तय करता है, और वह आपकी चुनी अवधि के लिए तय रहती है। हरेक के नियम यहाँ हैं, ताकि तुलना सही चीज़ों के बीच हो।
कौन खोल सकता है
PPF: कोई भी निवासी व्यक्ति, अपने नाम का एक खाता, और नाबालिग़ बच्चों की ओर से खाते (राष्ट्रीय बचत संस्थान)। सुकन्या समृद्धि: माँ-बाप या अभिभावक दस साल से छोटी बेटी के नाम खोलते हैं; एक परिवार में दो बेटियों के खाते हो सकते हैं, जुड़वाँ या तीन बच्चियों के लिए छूट है। फ़िक्स्ड डिपॉज़िट: बैंक खाते वाला कोई भी, नाबालिग़ अभिभावक के ज़रिये, अकेले या संयुक्त।
पैसा कितने समय बंद रहता है
PPF खोलने के साल के अंत से पंद्रह वित्त वर्ष चलता है, और फिर पाँच-पाँच साल के खंडों में बढ़ाया जा सकता है, आगे जमा के साथ या बिना। सातवें साल से आंशिक निकासी, तीसरे से छठे साल तक जमा पर क़र्ज़, और पाँच साल बाद तय वजहों पर — गंभीर बीमारी, उच्च शिक्षा, निवास बदलना — कम दर पर समय से पहले बंद करना।
सुकन्या समृद्धि खोलने से इक्कीस साल चलती है, जमा पहले पंद्रह साल। बेटी के अठारह की होने या दसवीं पास करने पर पढ़ाई के लिए आधी रकम तक निकाली जा सकती है, और अठारह के बाद शादी पर खाता बंद हो सकता है।
फ़िक्स्ड डिपॉज़िट बुक की अवधि चलता है, एक हफ़्ते से दस साल तक कुछ भी। उसे पहले तोड़ा जा सकता है, बैंक के तय दंड पर — आम तौर पर चली अवधि के लिए कम दर। टैक्स बचाने वाला FD अपवाद है: पाँच साल का लॉक-इन, पहले निकासी नहीं।
कितना जा सकता है
PPF में वित्त वर्ष में ₹500 से ₹1.5 लाख तक; सुकन्या समृद्धि में ₹250 से ₹1.5 लाख तक। FD में जो बैंक ले, उसके अपने न्यूनतम से ऊपर, कोई ऊपरी सीमा नहीं।
ब्याज तय कैसे होता है
PPF और सुकन्या समृद्धि का ब्याज वित्त मंत्रालय हर तिमाही अधिसूचित करता है, उस तिमाही की जमा पर लगता है, और साल में एक बार चक्रवृद्धि होकर जुड़ता है; चालू दर राष्ट्रीय बचत संस्थान के पन्नों पर है, और बदलती है, इसलिए यहाँ कोई अंक नहीं छापा। FD की दर वह है जो बैंक बुक करने के दिन, उस अवधि और रकम पर दे, और वह परिपक्वता तक तय रहती है; बैंक लंबी अवधि और वरिष्ठ नागरिकों को ऊँची दर देते हैं और नई जमा के लिए अपनी तालिकाएँ जब चाहें बदलते हैं।
ब्याज पर टैक्स कैसे
PPF और सुकन्या समृद्धि की जमा धारा 80C की कटौती में आती है — उसकी कुल सीमा के भीतर, और सिर्फ़ पुरानी कर-व्यवस्था वाले करदाता के लिए — और ब्याज व परिपक्वता की रकम टैक्स से मुक्त हैं (आयकर विभाग)। FD का ब्याज जिस साल जुड़े, उस साल अन्य स्रोतों से आय के तौर पर टैक्स के दायरे में है, और सालाना सीमा से ऊपर बैंक स्रोत पर टैक्स काटता है, घोषणा-पत्र न दिया हो तो; सिर्फ़ पाँच साल का टैक्स बचाने वाला FD 80C में आता है, और उसका ब्याज भी बाक़ी की तरह टैक्स में है।
पैसा कितना सुरक्षित है
PPF या सुकन्या समृद्धि की जमा भारत सरकार की देनदारी है। FD बैंक की देनदारी है, और निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) हर बैंक में हर जमाकर्ता की जमा ₹5 लाख तक बीमित करता है, मूल और ब्याज मिलाकर, उस बैंक में उस जमाकर्ता के सब खातों को जोड़कर। एक बैंक में उससे ऊपर की जमा बीमित नहीं है।
तुलना को पढ़ें कैसे
तीनों अलग सवालों के जवाब हैं। PPF लंबा लॉक-इन है, टैक्स-मुक्त ब्याज के साथ, अपने नाम बचत करने वाले निवासी के लिए। सुकन्या समृद्धि वही आकार बेटी के लिए है, अपनी समय-सारणी के साथ। FD तरल है, रकम और अवधि में लचीला, बैंक की दर पर और टैक्स के दायरे में। किसी घर को कौन-सा मेल सही बैठेगा, यह इस पर है कि पैसा कब चाहिए और घर किस कर-व्यवस्था में है — ये सवाल यह गाइड नहीं हल करती। जो वह कर सकती है, वह है ऊपर के तीन सरकारी पन्नों की ओर इशारा, जहाँ नियम और लागू दरें ताज़ा रखी जाती हैं।
स्रोत
- राष्ट्रीय बचत संस्थान — लघु बचत योजनाएँ — www.nsiindia.gov.in
- निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) — www.dicgc.org.in
- आयकर विभाग — ई-फ़ाइलिंग पोर्टल — www.incometax.gov.in
यह गाइड बताता है कि चीज़ें कैसे काम करती हैं; यह वित्तीय, टैक्स या क़ानूनी सलाह नहीं है। नियम और दरें बदलती रहती हैं — ऊपर दिए स्रोत आधिकारिक पेज हैं, वहीं देखें।
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