22 कैरेट, 24 कैरेट और 18 कैरेट सोना — शुद्धता, रेट और किस काम का
कैरेट और फ़ाइननेस का मतलब, 22 और 18 कैरेट के रेट 24 कैरेट के रेट के पीछे तय अनुपात में क्यों चलते हैं, और गहने, सिक्के और निवेश के लिए कौन-सी शुद्धता किस काम आती है।
लेखक: Raghav Sangal ·
कैरेट बताता है कि मिश्र धातु में सोना कितना है। शुद्ध सोना 24 कैरेट है; 22 कैरेट में 24 हिस्सों में 22 सोना है, और इसी तरह आगे। BIS का हॉलमार्क यही बात फ़ाइननेस में, हज़ार हिस्सों में, लिखता है: 24K999, 22K916, 18K750, 14K585 (BIS, हॉलमार्किंग की जानकारी)। बाक़ी हिस्सा ताँबा, चाँदी, जस्ता या दूसरी धातुएँ हैं, जो सोने को सख़्त बनाती हैं और रंग बदलती हैं।
जो शुद्धताएँ आपको मिलेंगी
| निशान | सोना | कहाँ दिखता है |
|---|---|---|
| 24K999 | 99.9% | सिक्के, बिस्कुट, बेंचमार्क रेट |
| 24K995 | 99.5% | कुछ सिक्के और बिस्कुट |
| 23K958 | 95.8% | कुछ पारंपरिक गहने |
| 22K916 | 91.6% | ज़्यादातर भारतीय गहने |
| 20K833 | 83.3% | कम दिखने वाले गहने |
| 18K750 | 75% | नग वाले और डिज़ाइनर गहने, घड़ियाँ |
| 14K585 | 58.5% | रोज़ पहनने के हल्के गहने |
शुद्ध सोना नरम होता है। उस पर खरोंच आती है, वह मुड़ता है, और नग को मज़बूती से पकड़ नहीं सकता — इसीलिए सिक्के और बिस्कुट 24 कैरेट के होते हैं और गहने 22 कैरेट या उससे नीचे के। कैरेट जितना कम, गहना उतना सख़्त और उसमें प्रति ग्राम सोना उतना कम।
रेट एक साथ क्यों चलते हैं
IBJA हर फ़ाइननेस का रेट दिन में दो बार जारी करता है। ये रेट अलग-अलग तय नहीं होते: 999 का रेट आधार है और बाक़ी अपने सोने के हिसाब से उसके पीछे चलते हैं। 22 कैरेट का रेट 24 कैरेट के रेट का क़रीब 916 ÷ 999 होता है, 18 कैरेट का क़रीब 750 ÷ 999। इस साइट के सोने के पेज 24, 22 और 18 कैरेट के IBJA रेट एक साथ दिखाते हैं, और आप दिन-दिन यह अनुपात टिका हुआ देख सकते हैं।
इसलिए सुनार 22 कैरेट पर जो प्रति ग्राम लेता है, वह 24 कैरेट के रेट का एक जाना-माना हिस्सा और ऊपर दुकान का मार्जिन है। किसी दुकान का 22 कैरेट रेट दिन के 24 कैरेट रेट के 91.6% से काफ़ी ऊपर हो, तो फ़र्क़ मार्जिन है, शुद्धता नहीं।
किस काम के लिए कौन-सी शुद्धता
धातु में निवेश — सिक्के और बिस्कुट — लगभग हमेशा 24 कैरेट (999 या 995)। आप सोने के पैसे देते हैं, कारीगरी के नहीं, और मेकिंग चार्ज एक छोटी तय रकम होता है। बेचते वक़्त वज़न और शुद्धता से हिसाब होता है, तो जितना शुद्ध, हिसाब उतना सीधा।
रोज़ के और शादी के गहने भारत में ज़्यादातर 22 कैरेट के हैं। सोने की ज़्यादातर कीमत बनी रहती है, पारंपरिक पीला रंग आता है, और चूड़ी, चेन और सादी अँगूठी के लिए सख़्ती काफ़ी है। मेकिंग चार्ज बड़ी रकम का प्रतिशत होता है, इसलिए वह मायने रखता है।
नग वाले और बारीक डिज़ाइनर गहने अक्सर 18 कैरेट के होते हैं, कभी 14 के। सख़्त मिश्र धातु नग और पतली सेटिंग को थामती है; गहने में प्रति ग्राम सोना कम है, तो बेचने पर सोने की कीमत कम निकलती है और कीमत का बड़ा हिस्सा डिज़ाइन का होता है।
शुद्धता के हिसाब से गहने की कीमत
एक ही वज़न पर 22 कैरेट के गहने में 24 कैरेट के मुक़ाबले क़रीब 92% सोना है, 18 कैरेट में क़रीब 75%। गहना वापस बेचने पर ख़रीदार उस फ़ाइननेस के दिन के रेट पर सोने के हिस्से के पैसे देता है, अपनी कटौतियाँ घटाकर। मेकिंग चार्ज और डिज़ाइन का प्रीमियम वापस नहीं मिलता। इसलिए 24 कैरेट का सिक्का बेचने पर सबसे कम खोता है, 22 कैरेट का गहना थोड़ा ज़्यादा, और 18 कैरेट का गहना दिए हुए पैसे के अनुपात में सबसे ज़्यादा।
इनमें से कोई शुद्धता दूसरी से अच्छी नहीं है; यह सोने की मात्रा, सख़्ती और आप किस तरह का गहना चाहते हैं, इनके बीच का लेन-देन है। ज़रूरी यह है कि हॉलमार्क की शुद्धता, बिल की शुद्धता और लगाया गया रेट तीनों मिलें — हॉलमार्क और HUID और बिल पढ़ने की गाइडें बताती हैं कि हरेक को कैसे जाँचें।
स्रोत
- BIS — हॉलमार्किंग की जानकारी — www.bis.gov.in
- IBJA — सोने-चाँदी के रोज़ के रेट — ibjarates.com
यह गाइड बताता है कि चीज़ें कैसे काम करती हैं; यह वित्तीय, टैक्स या क़ानूनी सलाह नहीं है। नियम और दरें बदलती रहती हैं — ऊपर दिए स्रोत आधिकारिक पेज हैं, वहीं देखें।
और गाइड
- BIS हॉलमार्क और HUID — गहने पर बने निशान क्या बताते हैं
- डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड प्लान — फ़र्क़ बस एक लाइन का
- IBJA का सोने का रेट कैसे तय होता है, और सुनार ज़्यादा क्यों लेता है
- MSP पर ख़रीद कैसे होती है — रेट कौन तय करता है, ख़रीदता कौन है
- सुनार का बिल कैसे पढ़ें — हर लाइन का मतलब
- म्यूचुअल फंड की NAV कैसे पढ़ें